प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार फ़िलिस्तीनियों के अधिकारों के लिये सक्रिय एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठन नें हाल ही में एक वीडियों जारी कर के ज़ायोनी फ़ौजियों की तरफ़ से बूढ़े फ़िलिस्तीनियों को इन्सानी ढ़ाल के रूप में इस्तेमाल करने की पुष्टि हुई है।
सूत्रों के अनुसार यूरो-मिडिल ईस्ट आबज़रवेटरी नें जेनेवा में अपने हेड क्वार्टर में मीडिया के सामने एक वीडियो जारी की जिसमें बूढ़े फ़िलिस्तीनी लोगों को मानवीय ढ़ाल के रूप में इस्तेमाल होते दिखाया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार यह फ़ूटेज कुछ दिन पहले पश्चिमी किनारे के शहर रामल्ला के उपनगरीय इलाक़े सलवाद में तैयार की गई थी, ज़ायोनी फ़ौजियों नें दो बूढ़े फ़िलिस्तीनियों को ढ़ाल बनाने के बाद पूरे मकान को एक फ़ौजी कैम्प में बदल दिया।
रिपोर्ट के अनुसार यह घटना 6 जून को हुई जब ज़ायोनी फ़ौजी सलवाद के स्थान पर 73 साल के फ़िलिस्तीनी मोहम्मद अयाद के घर में घुसे। ज़ायोनी फ़ौजियों नें मोहम्मद अयाद और उसकी 68 साल की बीवी को ढ़ाल बनाकर पूरे मकान की तलाशी ली। इस दौरान किसी दूसरे फ़िलिस्तीनी को आगे भढ़ने की इजाज़त नहीं थी और फ़ौज की तरफ़ से स्पष्ट कर दिया गया था कि कोई भी फ़िलिस्तीनी आगे बढ़ा तो दोनों बूढ़े फ़िलिस्तीनियों की ज़िन्दगी ख़तरे में होगी।
13 जून 2014 - 19:18
समाचार कोड: 615760
प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार फ़िलिस्तीनियों के अधिकारों के लिये सक्रिय एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठन नें हाल ही में एक वीडियों जारी कर के ज़ायोनी फ़ौजियों की तरफ़ से बूढ़े फ़िलिस्तीनियों को इन्सानी ढ़ाल के रूप में इस्तेमाल करने की पुष्टि हुई है।